आप सभी को होली की बहुत बहुत शुभकामनाएँ । जी भर के रंग खेलिए, अबीर-गुलाल लगाइए, गुझिया-पापड़ खाइए, दोस्तों के साथ साथ दुश्मनो को भी गले लगाइए और मजे करिए ।
सब के बीच प्रेम और सौहार्द बढ़ता रहे और कटुता का मैल, होलिका की आग मे आज रात ही दहन हो जाए ऐसी मंगलकामनाओं के साथ -
आपके अपने
पाण्डेय जी 'बनारस' वाले

2 टिप्पणियां:
पाण्डेयजी,
आप तो होली खेल लिये और हम अभी तक सुबह का इन्तजार कर रहे हैं । जल्दी सुबह हो और जाकर अबीर-गुलाल से होली खेलने का लुत्फ़ उठाया जाये । अब ऊनिवर्सिटी में पक्के रंग से तो होली खेल नहीं सकते इसलिये अबीर-गुलाल और पानी के पाइप से ही काम चलाना पडेगा ।
आपको एवं आपके परिवार को होली की हार्दिक शुभकामनायें ।
होली की बहुत शुभकामनायें और मुबारकबाद!!
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